बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक दशहरा और विजयादशमी का पर्व देश में बड़ी धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। रामलीला की रौनक और आसमान में धू-धू कर जलते रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतले बताते हैं कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, जीत आखिर हमेशा सत्य के प्रकाश की होती है।