'रन मशीन' चिन्मय सुतारः 78 साल बाद 400 नॉट आउट का करिश्मा करने वाला यह धुरंधर कौन है?

कभी मुंबई की तरफ से खेलने वाले चिन्मय सुतार ने मिजोरम की तरफ से खेलते हुए इतिहास रचा है। उन्होंने 46 चौके और 7 छक्के की मदद से नाबाद 400 रन बनाए।

'मुझे थोड़ा दुख जरूर है कि वह भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज नहीं बन सके....'

ये वाक्य एक ऐसे पिता के हैं जिसके बेटे ने कुछ ऐसा धमाल कर दिया है जिसकी चर्चा चारों और हो रही है। नाम है चिन्मय सुतार। चिन्मय के पिता राजेश सुतार जो खुद एक अच्छे खिलाड़ी रहे, उन्हें अपने बेटे की इस कामयाबी पर गर्व तो है पर एक हल्की सी कसक भी कि काश ऐसा हो जाता तो बेहतर होता। ठीक किसी भी आम भारतीय पिता की तरह जिसकी संतान अगर पढ़ाई या किसी भी विभाग में सेकेंड भी आ जाए तो लगता है टॉप कर दिया होता तो अच्छा होता।

लेकिन चिन्मय सुतार ने ऐसा क्या कर दिया पिता से लेकर पूरा क्रिकेट जगत दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो गया?

चिन्मय सुतार ने भारत की ओर से फर्स्ट क्लास श्रेणी में नाबाद 400 रन बना डाले। वो ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। उनसे आगे सिर्फ बी.बी.निंबालकर हैं जिनके बल्ले से नाबाद 443 रन निकले थे। तब यह शतक 1948 में आया था। अब 78 साल बाद फिर एक भारतीय ने अपनी बैटिंग से यह कीर्तिमान रच दिया है।

किसके खिलाफ बजाया डंका?

चिन्मय सुतार को इस पारी के पहले शायद ही कोई जानता रहा हो। चिन्मय ने 24 घंटे के अंदर एक ऐसी पारी खेल दी जिसका रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल है। हालांकि चिन्मय की इस पारी को खास बनाने में उनके साथी बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक का भी योगदान रहा जिन्होंने उनके साथ 190 रनों की नाबाद साझेदारी की।

फर्स्ट क्लास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज


रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार मिजोरम की ओर से खेल रहे थे,नागालैंड के खिलाफ। 29 साल के चिन्मय के खाते में इससे पहले सिर्फ तूफानी टी-20 पारियां ही थीं पर ऐसी कोई खास पारी नहीं थी। चिन्मय सुतार की पारी की बदौलत मिजोरम 9 विकेट पर 581 रनों का पहाड़ सा स्कोर खड़ा कर सका।

चिन्मय जब 231 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब टीम के 9 बल्लेबाज पवेलियन पहुंच चुके थे। अंतिम बल्लेबाज के रूप में लालरेमपुइया छकछुआक आए और अपनी बहुत छोटी लेकिन नाबाद 14 रन की पारी ने चिन्मय को इतिहास रचने का मौका दे दिया। दोनों के बीच 190 रनों की साझेदारी में अकेले 169 रन सुतार ने मारे। यह रणजी इतिहास की भी तीसरी बड़ी पार्टनरशिप रही। चिन्मय ने 517 गेंदों पर 46 चौकों और 7 छक्कों की मदद से नाबाद 400 रन बनाए।

मुंबई से मिजोरम तक का सफर

चिन्मय इससे पहले मुंबई के खिलाफ खेलते थे। मुंबई की टीम में उनके साथ रोहित शर्मा, सरफराज खान और सूर्यकुमार यादव साथ थे। उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली तो उन्हें वहां अपनी प्रतिभा दिखाने का उतना मौका नहीं मिला। इसके बाद चिन्मय इसी सीजन स्टेट टीम बदलकर मिजोरम से जुड़े। यह उनका दूसरा प्रथम श्रेणी मैच है। पिछले मैच में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ 35 और 99 रन बनाए थे।