भारत और रूस के आर्थिक संबंध ऊर्जा और पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में सहयोग की ओर देख रहे हैं। रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव (Maxim Reshetnikov) के मुताबिक, भारत के इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, दवाओं, सॉफ्टवेयर सर्विस और AI बेस्ड सॉल्यूशंस के लिए रूसी बाजार में नई संभावनाएं उभर रही हैं। दोनों देश व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन और कारोबारी आवाजाही को आसान बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
RT इंडिया के मैनेजिंग एडिटर अशोक बागड़िया को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में रेशेतनिकोव ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारत और रूस के बीच व्यापार सात गुना बढ़कर पिछले साल 79 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार अभी असंतुलित है, क्योंकि रूस से भारत को बड़ी मात्रा में संसाधनों की आपूर्ति होती है। ऐसे में भारतीय निर्यात के दायरे और मात्रा को बढ़ाना दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को अधिक विविध बनाने की दिशा में अहम है।
उद्योग, फार्मा और AI में सहयोग की नई संभावनाएं
रेशेतनिकोव के मुताबिक, भारतीय उद्योग तेजी से प्रगति कर रहा है और इसके चलते ऐसे इंजीनियरिंग उत्पाद सामने आ रहे हैं, जिन्हें रूस को निर्यात करने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत से रूस जाने वाले उत्पादों की मात्रा के साथ उनकी विविधता भी बढ़ रही है। दवाओं और औद्योगिक उत्पादों के अलावा तकनीक भी सहयोग का अहम क्षेत्र बनकर उभर रही है।
रूसी मंत्री ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सर्विसेज और AI आधारित समाधानों को दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए बड़ी संभावना बताया। उनके मुताबिक, तकनीक निकट भविष्य में निवेश और साझेदारी का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा भी संभावित सहयोग के क्षेत्रों में शामिल हैं। रेशेतनिकोव ने कहा कि रूस के पास डेटा सेंटर स्थापित करने के लिहाज से ऊर्जा और जलवायु संबंधी फायदे हैं, जबकि भारत सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखता है। दोनों देश अपने-अपने AI मॉडल भी विकसित कर रहे हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
रूस के साथ FTA से क्या फायदा?
द्विपक्षीय व्यापार को और विस्तार देने के लिए भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। इस संघ में रूस के अलावा बेलारूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान और आर्मेनिया शामिल हैं।
रूस के आर्थिक विकास मंत्री रेशेतनिकोव के मुताबिक, इस समझौते से दोनों पक्षों के बीच व्यापार में विविधता लाने को बढ़ावा मिल सकता है। इससे भारतीय उत्पादों के लिए रूसी बाजार में संभावनाएं बढ़ाने की कोशिशों को भी गति मिल सकती है। हालांकि, समझौते पर बातचीत अभी जारी है।
पर्यटन, संस्कृति से कैसे मजबूत होगी दोस्ती?
रेशेतनिकोव ने भारत को रूसी पर्यटकों के लिए शानदार डेस्टिनेशन बताया और कहा कि रूसी नागरिकों को भारत घूमने के लिए आना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत में संस्कृति, कारोबार और छुट्टियां बिताने के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि रूस भी भारतीय पर्यटकों के स्वागत के लिए अपने पर्यटन क्षेत्र को तैयार कर रहा है। इसके तहत ‘इंडिया-फ्रेंडली’ मानक विकसित करने पर काम किया जा रहा है, ताकि भारतीय यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं बेहतर की जा सकें।
रूसी मंत्री ने वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देश इस दिशा में अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। रूस यह भी देख रहा है कि भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा शुल्क कम किया जाए या पूरी तरह खत्म किया जाए। फिलहाल, यह विचाराधीन पहल है।
दोनों देशों के बीच उड़ानें बढ़ाने पर जोर
रेशेतनिकोव के मुताबिक, भारत और रूस के बीच कारोबारी गतिविधियां और पर्यटन बढ़ाने के लिए हवाई संपर्क को बेहतर बनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच सप्ताह में करीब 15 उड़ानें हैं, जबकि रूस के संयुक्त अरब अमीरात और चीन जैसे देशों के साथ उड़ानों की संख्या सैकड़ों में है। उन्होंने भारतीय एयरलाइंस को रूस के लिए उड़ानें शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। मंत्री के मुताबिक, रूस की ओर से उड़ानों के लिए जरूरी अनुमति देने में कोई समस्या नहीं होगी।
बेहतर हवाई संपर्क से सिर्फ पर्यटकों की आवाजाही ही नहीं, बल्कि कारोबार और निवेश से जुड़े लोगों के लिए भी यात्रा आसान हो सकती है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
ऊर्जा से आगे सहयोग की नई संभावनाएं
रेशेतनिकोव के इंटरव्यू का अहम संकेत यह है कि भारत-रूस व्यापार को बढ़ाने के लिए अब पारंपरिक कारोबार के साथ उद्योग, फार्मा, सॉफ्टवेयर और AI जैसे क्षेत्रों पर भी जोर दिया जा रहा है। पर्यटन, वीजा और उड़ानों को लेकर प्रस्तावित कदम इस साझेदारी के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने वाले पहलू हैं।