देशभर में कैंसर के मरीजों के लिए राहत की खबर है। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा की कीमतों में 93% तक कटौती हुई है। 'नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी' (NPPA) ने कैंसर-रोधी दवाओं के 543 ब्रांड्स की एक सूची जारी की है। इसमें उनकी नई कीमतें दी गई हैं। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के निर्देश के बाद दवा कंपनियों ने दवाओं की कीमतें कम कर दी हैं। घटी हुई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी।
किस दवा में कितनी कटौती?
नई लिस्ट में सबसे अधिक कटौती स्तन कैंसर के इलाज में प्रयोग में आने वाली दवा पैल्बोसिक्लिब के कुछ ब्रांड्स में हुई है। इसकी कीमत में करीब 93% की कमी हुई है। पैल्बोसिक्लिब पहले 40,421 रुपये की आती थी। अब इसकी नई कीमत 2720 रुपये होगी। कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवा थियोटेपा 7150 रुपये में मिलेगी।
समर्थ लाइफ साइंसेज की कीमोथेरेपी दवा 'थियोटेपा' (Thiotepa) की 100 mg शीशी की कीमत 80,072 रुपये से घटाकर 7,150 रुपये कर दी गई है। अलग-अलग तरह के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं - डैसाटिनिब (Dasatinib), लेन्वाटिनिब (Lenvatinib), एबिराटेरोन (Abiraterone) और ओलापारिब (Olaparib) की कीमतें भी कम की गई हैं।
| दवा | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) |
| Thiotepa 100 mg | 80,072.00 | 7,150.00 |
| Hertumab 30 mg vial | 94951.00 | 30593.00 |
| Ivzumab per 400 mg vial | 69852.00 | 13512.00 |
| Palbociblib | 40,421.00 | 2720.00 |
| Anastrozole 1 mg | 695.76 | 73.00 |
| Azacitidine 100 mg | 6337.00 | 1495.04 |
| Bevacizumab 100 mg/4 ml | 21,767.70 | 5,930.13 |
| Dasatinib 20 mg | 2,812.50 | 1,085.93 |
| Enzalutamide 40 mg | 6,578.20 | 2,232.00 |
| Erlotinib 150 mg | 4,637.45 | 2,008.00 |
| Fludarabine 50 mg Inj | 14,235.00 | 2,432.00 |
| Fulvestrant 50 mg Inj | 26,072.16 | 5,491.00 |
हालांकि, ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा 'रिबोसिब्लिब' (Ribociclib) की कीमत 24,435 रुपये पर ही बनी हुई है, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। टैग्रिसो (Tagrisso), टेसेंट्रिक (Tecentriq), डार्जालेक्स (Darzalex) और इम्फिन्जी (Imfinzi) जैसी अन्य मूल ब्रांड दवाओं की कीमतें भी पहले जैसी ही हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
क्या है 137 नॉन-शेड्यूल कैंसर रोधी दवा?
यह कदम 137 नॉन-शेड्यूल कैंसररोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30% तक सीमित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इन 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं में इम्यूनोथेरेपी की दवाएं शामिल हैं जिनका इस्तेमाल 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है।
इसके अलावा, इनमें स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 'डेनोसुमैब', कैंसर के मरीजों में न्यूट्रोपेनिया को रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाली 'पेगफिल्ग्रास्टिम', और 'बेवासिजुमैब' (जिसे कोलन, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए मंजूरी मिली है) भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने उठाया था सवाल
27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और खुदरा विक्रेताओं के लिए उनकी कीमत के बीच भारी अंतर को लेकर केंद्र से सवाल किया था। कोर्ट ने पूछा कि यह व्यवस्था मरीजों के बजाय दवा निर्माताओं के पक्ष में क्यों दिखती है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दवाओं की कीमतों को बेहतर ढंग से कंट्रोल करने में सरकार की अनिच्छा की आलोचना की थी। बेंच ने टिप्पणी की थी कि नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) 'पूरी तरह से निष्क्रिय' नजर आती है।
दवाओं की कीमतों से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बेंच ने पूछा, 'पूरी व्यवस्था इन लोगों (दवा निर्माताओं) की मदद करने के लिए क्यों काम कर रही है? इसके बाद NPPA की तरफ से दवा की कीमतों में कटौती का फैसला आया है।