सिर पर लगे ये टांके... कैप्टन मच्छार की यह बस तस्वीर नहीं, 'बहादुरी का मेडल' है

दुबई में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छार को 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया है। उस समय कैप्टन के सिर के पिछले हिस्से की आई तस्वीरों ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा।

सिर के पिछले हिस्से पर लगे टांकों के निशान, बाएं हाथ पर पट्टी बंधी थी। दुबई में जब कैप्टन स्मित मच्छार मंच पर सम्मान लेने पहुंचे, तो कैमरे उनके चेहरे पर नहीं, बल्कि सिर के पिछले हिस्से पर टिक गए। इस सम्मान समारोह से सामने आई उनकी एक तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है। 

यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि फर्ज और बहादुरी का वो दस्तावेज है, जो एक भी लफ्ज बोले बगैर सब कुछ बयां कर देती है।

इसे लोग अदम्य साहस और पेशेवर निष्ठा का जीता-जागता प्रतीक बता रहे हैं। मौत के मुंह से सैकड़ों जिंदगियां खींच लाने वाले कैप्टन की इस तस्वीर ने हर किसी को भावुक और गर्व से भर दिया है। कॉकपिट अटैक के बाद फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पहली बार यूनिफॉर्म में नजर आए।

इस समारोह के दौरान उनके सिर पर लगी चोट को भी पहली बार करीब से देखा जा सका। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन मच्छार और उनके क्रू सदस्यों को 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें दुबई से तेल अवीव जा रही एक उड़ान के दौरान हुए हमले की कोशिश के समय यात्रियों की सुरक्षा करने के लिए दिया गया है।

दुनिया कर रही सलाम

कैप्टन स्मित मच्छार के, इस भारतीय पायलट को आई चोटों की गंभीरता को दर्शाती है। उन्हें हवा में कॉकपिट पर हुए हमले को नाकाम करने में उनकी भूमिका के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है।

ब्रिटेन के दक्षिणपंथी नेता टॉमी रॉबिन्सन ने सोशल मीडिया पर इस निशान की एक तस्वीर साझा की और मच्छार की बहादुरी की तारीफ की।

रॉबिन्सन ने लिखा कि हर हीरो के पास कैप (चोगा) नहीं होता। कुछ के पास लड़ाई के निशान होते हैं। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। दुनिया आपको सलाम करती है।

सिर पर दिखा 'बहादुरी का निशान'

समारोह के दौरान 'कैप्टन मच्छार' की तस्वीरों में उनके सिर पर लगे टांके (स्टेपल्स) साफ देखे जा सकते हैं। कैप्टन पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। इससे उनके सिर की हड्डी टूटकर अंदर धंस गई थी। इतनी गंभीर चोट के बावजूद, वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इससे क्रू मेंबर और यात्री अंदर आ सके, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान

यह पदक दुबई के क्राउन प्रिंस, उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा प्रदान किए गए। दुबई मीडिया ऑफिस ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उन्होंने क्रू के कार्यों और उनकी जिम्मेदारी की भावना की सराहना की।

'UAE आपका अपना देश है'

UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने भारतीय फ्लाईदुबई कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की। उन्होंने कैप्टन की चोटों के बारे में पूछा और कहा: UAE आपका अपना देश है, यहां आपके लिए एक घर है और यहां आपका एक परिवार भी है। इस दौरान उन्होंने उनके सिर के टांकों को भी देखा।

क्या है ये सम्मान

फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का एक उच्च-स्तरीय नागरिक सम्मान है। UAE के राष्ट्रपति यह सम्मान उन व्यक्तियों, राजनयिकों, अधिकारियों और चालक दल के सदस्यों को देते हैं, जिन्होंने विशिष्ट सेवा, साहस का परिचय दिया हो, या द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया हो। कैप्टन मच्छार और उनके चालक दल को राष्ट्रपति द्वारा आयोजित समारोह में यह सम्मान मिला।