उम्र केवल ढाई साल और तबले की थाप पूरे भारत में सुनाई दे रही

वह रुककर पहले बोल को दोहराती है फिर तबले की थाप से उसे सुनाती है। कुछ वैसे ही, जैसे बड़े-बड़े उस्ताद तबले पर संगत देते हैं। लेकिन रुकिए। इस थाप में कुछ खास है। संगीत की साधना करने वाली इस 'स्वरश्री' की उम्र महज ढाई साल है।

जिस उम्र में बच्चे A, B, C, D पढ़ना सीख रहे होते हैं, या आजकल मोबाइल पर 'दो मोटे हाथी झूमके चले' देख रहे होते हैं, एक ढाई साल की बच्ची तबला बजा रही है। वह भी ऐसा, जैसे कोई उस्ताद उंगलियों को तबले पर फिराता हो।

बड़े आराम से। धुन को पकड़ते हुए। वह पहले बोलती है फिर तबले से सुनाती है। सोशल मीडिया पर बच्ची का वीडियो आया, तो लोगों का जवाब कुछ ऐसा आ रहा।

''सच में ये तो बहुत छोटी बच्ची है।''

''सोचो, इतनी छोटी बच्ची तबला बजा रही है।''

''कमाल है। सच में ईश्वर का गिफ्ट है।''

''मां सरस्वती ने नन्ही परी को आशीर्वाद दिया है।''

इस बच्ची का नाम स्वरश्री हेगड़े है। हां, नाम में ही स्वर है। उम्र 2 साल 10 महीने। स्वरश्री के इस उम्र में 12 ताल सुनाने और बजाने के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है।

एक ऐसी जुगलबंदी, जिसके लिए लोग कई साल लगा देते हैं। ताल सुनाने का मतलब उसके बोल से है और इसे बजाने के लिए रिदम और हाथ के मूवमेंट पर सटीक नियंत्रण की जरूरत होती है। एक बार फिर से वीडियो देखिए आप शायद बोल उठें- 'वाह बच्ची वाह'

स्वरश्री नॉर्थ कन्नड़ जिले के होन्नावर गांव की रहने वाली है। इनके पिता गुरुराज हेगड़े तबला वादक हैं और माता श्रीलता गायिका हैं यानी बच्ची को स्वर साधना विरासत में मिली है। 

सोशल मीडिया पर कुछ लोग लिख रहे हैं कि ढाई साल की उम्र में इस बच्ची ने 'स्वर' में जो उच्च दर्जा हासिल किया है, उसके लिए याददाश्त और एकाग्रता की जरूरत होती है।