तारीख 14 अक्टूबर 2026, फ्रैंकफर्ट से उड़ा एयर इंडिया का एक विमान AI2030 दिल्ली पहुंचने वाला था। विमान में 306 लोग सवार थे (293 यात्री,13 क्रू मेंबर्स), थोड़ी देर बाद विमान की इमर्जेंसी लैंडिंग जयपुर में कराई गई। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्लेन हाईजैक का कोड मिला था।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, प्लेन हाइजैक का कोड एक्टिवेट हुआ था। एयर इंडिया के अधिकारी ने सुरक्षा कारणों को वजह बताया है। कुछ दिन पहले फ्लाईदुबई वाले मामले में भी प्लेन हाईजैक के कोड की काफी चर्चा हुई थी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पायलट ने गलती से कोड '7500' दबा दिया था। हालांकि, कन्फर्म कुछ नहीं है। असल में, यह कोड विमान हाइजैकिंग या गैरकानूनी हस्तक्षेप की सूचना देने के लिए होता है, पर ये काम कैसे करता है?
बुधवार की घटना के बाद कोड 7500 को समझने के लिए RT हिंदी ने 1000 घंटे फ्लाइट्स उड़ा चुके पायलट हर्षत कौरा से बात की।
(जयपुर में उतरे एयर इंडिया विमान का वीडियो)
कोड 7500 क्या होता है, पहले वो समझिए
एक निजी एयरलाइंस में पायलट हर्षत कौरा ने समझाया कि 7500 ट्रांसपॉन्डर कोड होता है जो गैरकानूनी गतिविधियों या हाइजैकिंग का अलर्ट देता है। हर्षत ने बताया कि हमें ऐसी स्थिति में ATC (Air Traffic Control) को यह बताने की जरूरत नहीं है कि प्लेन हाईजैक हो गया है या उसमें कुछ गलत हो रहा है। यह कोड दबाते ही एटीसी को खुद ही पता चल जाता है। उनकी स्क्रीन पर जहां सभी एयरक्राफ्ट दिखाई देते हैं, वहां लाल रंग का एक सिग्नल दिखता है। इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल को यह पता चल जाता है कि फ्लाइट के पायलट ने 7500 का कोड भेजा है।
यहां सुनिए पूरी बातचीत...
इस कोड के पीछे की वजह खास है। पायलट कौरा ने बताया कि पहले जब प्लेन हाइजैक होता था, तब पायलट को हाईजैकर्स मौका तो देते नहीं थे कि आप अपने अधिकारियों को विमान के अपहरण की सूचना दे सकें। ऐसे में इस कोड की शुरुआत हुई। इसके बाद पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फोन या कुछ भी बोले बिना सीधे बता सकता था कि उसका विमान हाइजैक हो गया है।
हर्षत ने बताया कि यह ट्रांसपॉन्डर कोड एक तरह से पायलट को चुपके से खतरे की जानकारी देने का एक जरिया होता है। इससे आतंकी या कोई भी अपराधी यह नहीं समझ पाता कि प्लेन हाईजैक की सूचना एविएशन अधिकारियों को हो गई है। इधर, पायलट ने चुपके से खतरे का अलर्ट दिया, उधर इमरजेंसी लैंडिंग से पहले नीचे पुलिस और एंबुलेंस एयरपोर्ट पर तैनात।
क्या गलती से कोड दब सकता है?
जापान के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रहे विमान को लैंड कराने के पीछे इस कोड की चर्चा तो है पर कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पायलयट ने इसे गलती से दबा दिया था। इस पर पायलट हर्षत ने बताया कि ये कोड गलती से दब जाने की बात हैरान करती है। यह कोड किसी मोबाइल फोन में डालने वाले 4 डिजिट पिन की तरह होता है।
हर्षत ने कहा कि इस ट्रांसपॉन्डर कोड से हमें पहचाना जाता है। पायलट यह गलती जानबूझकर बिल्कुल नहीं करते। यह बहुत संवेदनशील मामला है।
जर्मनी से आए एयर इंडिया के विमान का जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान का वीडियो
क्या कोई और भी कोड होते हैं?
हर्षत ने बताया कि जी हां, 7500 के अलावा दो और कोड होते हैं। कुल मिलाकर तीन कोड होते हैं।
- 7500 हाईजैक या गैर-कानूनी हस्तक्षेप का संकेत
- 7600 रेडियो कम्यूनिकेशन फेल होने की स्थिति में
- 7700 सामान्य गंभीर आपात स्थिति,तत्काल सहायता के समय। इसे मेडे कॉल (Mayday) भी कहते हैं।
हर्षत ने बताया कि दुबई से तेलअवीव जा रही Flydubai फ्लाइट के वक्त भी इसी कोड 7500 का इस्तेमाल हुआ था। भारतीय हीरो पायलट स्मित मच्छार ने भी अपने ऊपर ओमानी पायलट के हमले को झेलते हुए ATC को यह कोड भेजा था। 36000 फीट की ऊंचाई में को-पायलट ने स्मित पर कुल्हाड़ी जैसे हथियार से हमला किया था। बाद में प्लेन को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर लैंड कराना पड़ा। स्मित तेजी से रिकवर कर रहे हैं।