नई दिल्ली: उस दिन हवा में उड़ रहे प्लेन में जब कैप्टन स्मित मच्छार गिरे तो उनके मन में क्या चल रहा था? आखिर में उन्होंने कैसे हिम्मत जुटाई और कॉकपिट का गेट खोला। अब दर्द से वह कैसे निपट रहे हैं... 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने फोन पर पीएम मोदी को उस दिन की पूरी कहानी सुनाई है।
पीएम ने कैप्टन स्मित से तबीयत के बारे में पूछा, तो उन्होंने पूरे जोश के साथ कहा कि सब ठीक है। आगे वह थोड़े भावुक भी दिखे।
पीएम मोदी ने उन्हें बताया कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय का जाप चल रहा है। आपकी हिम्मत, आपके धैर्य और आपकी सूझबूझ ने सेंकड से भी कम समय में निर्णय लिया और इतने लोगों की जान बचाई। पीएम ने कहा कि आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है, जान बचाने वाले लोग हैं।
पीएम ने कहा कि आपके शरीर पर इतना बड़ा घाव... आप खुद जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे, उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, सभी यात्रियों के जीवन की परवाह की। आगे पीएम मोदी ने स्मित से अपना अनुभव सुनाने को कहा।
'मैं नीचे पड़ा था, आंखें बंद थीं...'
कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को अपना हीरो बताया। उन्होंने पीएम से कहा- आपने जो मुझे फोन कर मेरा हौसला बढ़ाया इससे मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। पायलट स्मित ने कहा कि मैं उस मूमेंट पर अपनी लाइफ के लिए लड़ रहा था। फिर एक ऐसा मूमेंट था जब मुझे महसूस हुआ कि अगर मैंने कुछ नहीं किया तो... मुझे इतने घाव लगे थे कि मैं गिर चुका था।
कैप्टन स्मति मच्छार ने कहा कि मैं पिछले 17 साल से जहाड़ उड़ा रहा हूं। मैं पिछले 11 साल से कैप्टन हूं। मुझे आंख बंद करके भी पता लगता है कि प्लेन का क्या हो रहा है। जब मैं गिरा हुआ था तब भी मुझे अहसास हो रहा था कि एयरक्राफ्ट नीचे जा रहा है। मुझे बिल्कुल पता था कि ये एक लास्ट पुश है स्मित, दरवाजा बस वहीं है, तब भी मैं मार खा रहा था, बस कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
कैप्टन स्मित ने कहा कि इसके बाद बाकी लोग आ गए। उस समय मुझे अहसास था कि मैं सबको नहीं मरने दे सकता। बाकी सब लोगों का भी उसमें उतना ही रोल था।
'दर्द में हनुमान चालीसा पढ़ता हूं'
कैप्टन स्मित ने कहा कि जब भी मुझे दर्द होता है मैं हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। उस समय भी मैं हनुमान चालीसा ही पढ़ रहा था। मुझे पता है कि उस समय भी भगवान ने मुझे बचाया। कैप्टन ने कहा कि आपका फोन आ गया, मुझे बहुत-बहुत गर्व होता है।
उन्हें भावुक देख पीएम मोदी ने कहा कि स्मित अगर मेरे सामने आप भावुक नहीं होंगे तो कहां होंगे। कैप्टन स्मित ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी आपसे बात होगी।
पीएम ने कहा कि आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी आज, दुनिया के लोग आपको देखने, आपसे बात करने को आतुर हैं। ये बात आपने जो मुझे हनुमान चालीसा की बात बताई है इसके लिए मैं गीता बेन और भूपेंद्र भाई को प्रणाम करूंगा कि आपको ऐसे संस्कार दिए।
140 करोड़ देशवासियों का बढ़ाया मान
इससे पहले प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित से कहा कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूं। उन्होंने कहा कि कल मुझे भूपेंद्र भाई से बात करने का मौका मिला, गीता बेन से बात की, सोनल बेन से बात की।
पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा, ‘मैंने गीता बेन से बातचीत में कहा था, नाम गीता है लेकिन आपने कृष्ण की गीता को पूरी तरह से पचा दिया। आपने स्मित को कृष्ण के साक्षात गीता के संस्कारों से उसका जीवन बनाया।’
पीएम मोदी ने कहा कि कल मेरी जब सोनल बेन (कैप्टन स्मित की पत्नी) से बात हुई तो मैं सरप्राइज था कि वो इतनी सहजता, हिम्मत से बात कर रहीं थी जिसकी सचमुच मैंने कल्पना नहीं की थी। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मैं समझता हूं कि आपने एक परिवार के नाते पूरे देश का नाम रोशन किया है।
इसके बाद कैप्टन ने कहा कि मैं जब रोज पूजा करता हूं तो मेरा दो साल का बेटा मेरी गोद में बैठता है, मैं उसे हनुमान चालीसा सुनाता हूं। उन्होंने कहा कि आज भले ही हम देश से दूर हैं लेकिन अपनी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए। पीएम ने कहा कि आप जल्द से स्वस्थ होने ही वाले हैं, भारत आपका स्वागत करने को उत्सुक है।
'घाव नहीं, यह एक जर्नी है'
पीएम मोदी ने कहा कि आपके शरीर में तकलीफ है, आप वीर पुरुष हैं, आपने अपने घावों को झेलना बहुत आसान कर लिया है। इस पर कैप्टन ने कहा कि मैं इसे अपने घाव को घावों की तरह नहीं सोच रहा हूं, इससे मेरी रिकवरी मुश्किल हो जाएगी। मैं इसे एक जर्नी की तरह सोच रहा हूं जो बहुत धीरे-धीरे पूरी होने वाली है। ये समय लेगा लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि यह ठीक हो जाएगा। मैं एकदम स्वस्थ हो जाएगा।
पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि आपको जब भी जरूरत हो तो मैं सिर्फ एक फोन कॉल ही दूर हूं। पीएम मोदी ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर रिएक्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे थे कि अगर ये ना हुआ होता तो हिंदुस्तान पर क्या बीतती।
अंदर की बातें बाद में...
भारत के सभी पायलटों पर क्या बीतती। आपने सबको बचा लिया। आपने बहुत बड़ा काम किया है। पीएम मोदी ने कहा कि जब मिलूंगा तो अंदर की बातें तो आपसे बाद में सुनूंगा। आप भी पूरी तरह स्वस्थ हो जाइए, पूरा देश आपके साथ हैं। मेरी तरफ से बहुत शुभकामना है। आज गांधी जयंती है, अहिंसा क्या होती है वो आपने जी कर दिखाया है।